मंगल भात पूजा उज्जैन मंगलनाथ मंदिर

मंगल दोष का निवारण मात्र उज्जैन मे सम्भव है मंगल दोष शांति पूजा, भात पूजा, मांगलिक दोष पूजा विधि विधान से कम खर्च मे कराने के लिए आज ही पंडित जी से संपर्क करे, उज्जैन मे प्रतिदिन हजारो पूजा होती है इसलिए पहले से पूजा जरूर बुक कर के जाए ताकि आपकी पूजा सही समय पर पूरी व्यवस्था और सामग्री के साथ सम्पन्न हो सके।

मंगल दोष क्या होता है?

ज्योतिष जन्मकुंडली की जांच करके व्यक्ति के भविष्य का गणना करते है, की व्यक्ति के जीवन मे कोई  कुंडली मे 12 भाव होते है, यदि इनमे से मंगल ग्रह प्रथम, द्वितीय, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम और द्वादश भाव मे से किसी एक भाव मे हो, तो व्यक्ति की कुंडली मे मंगल दोष योग बनता है। यह स्थिति वैवाहिक जीवन के लिए सही नहीं मानी जाती है। 

मंगल दोष शांति मंत्र

  • ॐ धरणीगर्भसंभूतं विद्युतकान्तिसमप्रभम। कुमारं शक्तिहस्तं तं मंगलं प्रणमाम्यहम।।
  • ॐ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम: ।। 
  • ॐ अंगारकाय विद्महे शक्ति हस्ताय धीमहि, तन्नो भौमः प्रचोदयात् ।।

इन मंत्रो के नियमित जाप से मंगल दोष के दुष्प्रभाव मे कमी आती है। 

मंगल दोष के लक्षण क्या है?

मंगल दोष के कारण व्यक्ति को निम्न समस्याओ का सामना करना पडता है-

  • मंगल दोष के कारण व्यक्तियों को विवाह मे देरी या विवाह के बाद वैवाहिक जीवन मे समस्याओ का सामना करना पड़ता है। 
  • इस दोष के कारण व्यक्ति के पारिवारिक संबंधो मे तनाव बना रहता है। 
  • व्यक्ति का स्वास्थ्य अचानक खराब हो जाता है। 
  • मंगल दोष के कारण करियर संबंधी बाधाओ का सामना भी करना पड़ता है। 
  • मंगल दोष के कारण व्यक्ति का स्वभाव अत्यधिक गुस्सैल और अहंकारी हो जाता है। 
  • इस दोष के कारण व्यक्ति कोर्ट कचहरी के मामलो मे फंस जाता है। 

मंगल दोष के उपाय क्या है?

मंगल दोष के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए आप निम्नलिखित उपायो को अपना सकते है-

  • मंगलवार के दिन व्रत रखना चाहिए। 
  • हनुमान चालीसा और सुंदरकाण्ड का पाठ करना चाहिए। 
  • लाल वस्त्र, मसूर की दाल, लाल रंग का फूल या लाल चन्दन का दान करना चाहिए। 
  • किसी ज्योतिष की सलाह से तीन मुखी रुद्राक्ष या मूंगा रत्न धारण करना चाहिए। 
  • शिवलिंग पर लाल रंग के पुष्प अर्पित करना चाहिए। 
  • बंदरो को गुड व चना खिलाना चाहिए। 
  • शयन कक्ष मे लाल कपड़े मे सौफ बांधकर रखना चाहिए। 
  • विवाह से पहले नीम का पेड़ लगाना चाहिए। 

मंगल दोष पूजा क्या होती है?

मंगल दोष निवारण पूजा मंगल दोष के दुष्प्रभाव को सदैव के लिए समाप्त करने के लिए की जाती है। मंगल शांति पूजा मंगल देव को प्रसन्न करने के लिए की जाती है। पूजा करने से मंगल के द्वारा उत्पन्न नकारात्मक प्रभाव को शांत व नियंत्रित कर सकारात्मक प्रभावो मे वृद्धि होती है।

मंगल दोष पूजा कहाँ होती है?

मंगलनाथ मंदिर प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर है, जो मध्यप्रदेश के उज्जैन मे स्थित है। यह मंदिर भगवान मंगल का जन्मस्थान है, लेकिन यहा पर मंगल देव की कोई प्राचीन मूर्ति पूजा न होकर शिवलिंग की पूजा की जाती है। जिससे व्यक्ति की कुंडली से मंगल या मांगलिक दोष से मुक्ति मिल जाती है। 

उज्जैन मे पंडित जी बुक करे

अभी पंडित जी से संपर्क करे।

पूरी सुविधा के साथ वैदिक पद्धति से पूजन सम्पन्न कराने के लिए उज्जैन आने से पूर्व पंडित जी को बुक अवश्य करे।

Read Reviews

मंगलनाथ मंदिर उज्जैन मे मंगल दोष शांति पूजा मे कितना खर्च आता है?

समान्यतः मंगल पूजा मे 2100 रुपए से शुरू होती है, लेकिन मंगल पूजा भी विभिन्न प्रकार की होती है, और यह आपकी कुंडली पर भी निर्भर करता है की मंगल के साथ कोई ओर दोष तो नहीं है, इसलिए एक बार पंडित जी से निशुल्क कुंडली दिखबाए और पूजा का परामर्श जरूर ले। फिर अगर आप संतुष्ट हो तो पूजा का दिन बुक कराये, पंडित जी द्वारा पूजा बुकिंग के लिए कोई एडवांस शुल्क नहीं लिया जाता है।

ध्यान दे: पूजा बुकिंग के बाद जब आप उज्जैन आते है तो आपको यहा कई पंडित व ऑटो वाले कम खर्च मे पूजा के लिए लुभाने की कोशिश करेंगे अगर आप उनके साथ जाते है और आपके साथ कोई धोका धड़ी होती है तो उसकी हमारी कोई ज़िम्मेदारी नहीं रहेगी।

उज्जैन मे मंगल दोष पूजा बुक कराए

पंडित गजेंद्र व्यास जी उज्जैन के एक विद्वान ज्योतिषी हैं। वह 20 वर्षों से अधिक समय से उज्जैन में पूजा कर रहे हैं। पंडित जी को मंगल दोष शांति पूजारुद्राभिषेक पूजा करने मे विशेषज्ञता प्राप्त है। पंडित जी ने उज्जैन के गुरुकुल से ही वैदिक पूजा, अनुष्ठान और कर्मकांड सीखा है। नीचे दी गयी बटन पर क्लिक करके अभी पंडित जी से संपर्क करे और पूजा बुक करे। 

Phone icon
Call 6263264099
WhatsApp icon
WhatsApp