अंगारक दोष पूजा उज्जैन
अंगारक दोष क्या होता है?
अंगारक दोष कुंडली मे तब बनता है, जब मंगल, राहू या केतू एक भाव मे स्थित हो। इस दोष को अंगारक दोष इसलिए कहा जाता है, क्योकि यह मंगल के अग्नि तत्व और राहू और केतू के दुष्प्रभाव के कारण बनता है। जिससे व्यक्ति के जीवन मे संघर्ष और परेशानी आती है।
अंगारक दोष के लक्षण क्या है?
अंगारक दोष के कारण आपको निम्नलिखित समस्याओ का सामना करना पड़ता है-
- व्यक्ति का स्वभाव क्रोधी और जिद्दी हो जाता है।
- लगातार संघर्षो और परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
- आर्थिक स्थिति ठीक नहीं रहती है।
- पारिवारिक संबंधो मे तनाव बना रहता है।
- मानसिक तनाव अधिक होता है।
- वैवाहिक जीवन से संबन्धित समस्याओ का सामना करना पड़ता है।
- नकारात्मक चीजों की तरफ ज्यादा आकर्षित होते है।
अंगारक दोष पूजा क्या होती है?
अंगारक दोष पूजा एक ऐसा साधारण और आसान उपाय है, जिसके माध्यम से कुंडली से अंगारक दोष और इसके दुष्प्रभाव को सदैव के लिए समाप्त किया जा सकता है। अंगारक दोष पूजा मे पंच देवताओ जिसमे शिव जी, गणेश जी, मातृका, नवग्रह और प्रधान देवता की पूजा की जाती है। पूजा मे राहू और केतू के मंत्रो का जाप किया जाता है। मंत्र जाप के पश्चात हवन किया जाता है। इस हवन अनुष्ठान मे मंगल और राहू केतू के शांति मंत्रो का जाप करते हुये घी, तिल और जौ अग्नि को समर्पित करते है।
अंगारक दोष पूजा मे कितना खर्च आता है?
यदि आप उज्जैन नगरी मे अंगारक दोष पूजा सम्पन्न कराते है, तो इस पूजा मे 2500 से 3500 रुपए तक का खर्च आता है। जिसमे आपकी पूजा से संबन्धित सम्पूर्ण पूजा सामग्री सम्मिलित होती है। पूजा से संबन्धित अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए आप पंडित जी से परामर्श ले सकते है।
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पंडित गजेंद्र व्यास जी उज्जैन के एक विद्वान ज्योतिषी हैं। वह 20 वर्षों से अधिक समय से उज्जैन में पूजा कर रहे हैं। पंडित जी को अंगारक दोष शांति पूजा, महामृत्युंजय जाप पूजा करने मे विशेषज्ञता प्राप्त है। पंडित जी ने उज्जैन के गुरुकुल से ही वैदिक पूजा, अनुष्ठान और कर्मकांड सीखा है। नीचे दी गयी बटन पर क्लिक करके अभी पंडित जी से संपर्क करे और पूजा बुक करे।